History Of Gaming 

दोस्तों गेम्स के बारे मैं तो हम सभी जानते है आजकल बहोत पॉपुलर गेम्स चल रहे है चाहे वो हो puge mobile या फिर हो GTA 5 तो बने रहे इस आर्टिक्ल के साथ हम बात करेंगे आज गेम हिस्ट्री के बारे मैं !

दोस्तों गेम्स के शौकीन तो हम सभी है जहा तक मेरी बात है मुझे सुरु से ही गेम्स का बहोत शोक है पहले भी मै java गेम्स खेलता था nokia 114 मैं पर पहले जो गेम्स थे वो आज के मुकाबले बहोत बोरिंग थे आज के समय मै तो PC से लेकर paid games तक बहोत पॉपुलर गेम है !

अगर हम  करें दुनिया के पहले गेम की तो वो था 1958 मैं टेन्स फॉर 2 पर ये जो गेम था ये इतना नहीं चल पाया क्योंकि इस गेम का prise बहोत ज्यादा था और इसके अलावा ये गेम भी इतना ज्यादा अच्छा नहीं था बस एक बोल ठीक जो जम्प करती थी राइट से लेफ्ट लेफ्ट से राइट और एक साल के अंदर ही गेम गायब हो गया इसके बाद लोगो ने तरह तरह के गेम बनाने शुरू कर दिए चाहे वो पजल गेम्स हो बोर्ड गेम्स हो पर वो ईतने ज्यादा पॉपुलर नहीं हुए क्योंकि prise इतना ज्यादा और गेम्स भी ईतने ज्यादा खाश नहीं तो लोगो ने उन्हें इतना ज्यादा पसन्द नहीं किया !

दोस्तों इसके बाद आया एक इंसान जिसने कुछ अलग सोचा जिसे हम आज जानते है father of video games के नाम से जिनका नाम था Mr. राल्फ बेयर उन्होंने सोचा की T.V. का prise कम आ रही है तो क्यों ना हम एक ऐसा system develope करें जिससे वीडियो गेम्स को attached कर दिया जायेगा वीडियो गेम्स से और लोग उस T.V. मै एन्जॉय कर पाए फिर दोस्तों काफी सालो की मेहनत और रिसर्च के बाद एक गेम आया जिसका नाम था pong 1972 मैं यह गेम सामने आता है एक ऐसा console जिसे आप लगाओ T.V. और खेलो pong गेम को और इसके इस गेम ने धूम मचा दि 1 साल के अंदर इसकी 1 लाख यूनिट बिक गयी इसके बाद मैं तरह तरह के गेम ब्रांड आये करो T.V. से attached और खेलो पर गेम्स मैं इतनी ज्यादा quality थी नहीं फिर आता है 1980 मैं pakeman यह गेम जो था वो हुआ बहोत ज्यादा हिट इसके बाद आता है 1984 मैं duckhunt याद है वो गेम जिसमे हम शिकार करते है डक का एक कुत्ता लेकर आता है डक को और हम शिकार करते है उस डक का इसके बाद आता है 1985 मै suparmario इसके बाद गेम्स रुके ही नहीं इसके बाद 1989 मै आया prince of persia उसके बाद जो computer थे वो भी होते जा रहे थे बहोत ही ज्यादा चीफ़ उसके बाद आता है 1997 मैं GTA इसके बाद तो बस दोस्तों जो गेम्स है आपतो जानते ही है कभी नहीं रुके !  बहोत से लोग ऐसे है जो ये बोलते है की गेम ना खेले तो अच्छा दिमाग़ पर गलत असर पड़ता है तो ये राय है दोस्तों बिलकुल गलत गेम खेलने से हमारा response टाइम बहोत अच्छा हो जाता है हा ये बात अलग है की हमें जो गेम्स है वो खेलने चाहिए थोड़े लिमिट मै ऐसा नहीं है की आप लेकर बैठे रहो पूरा पूरा दिन ! तो आपको ये आर्टिक्ल कैसा लगा बताये निचे कमेंट मै और आपका फेवरेट और पहला गेम कोनसा थे ये भी बताये तो फिलहाल के लिए इतना ही मिलते है अगले आर्टिक्ल मै तो बाय बाय टेक केयर 🤘🤘🤘