शाहरुख़ खान की सफलता की कहानी शाहरुख़ खान बायोग्राफी !

हैल्लो दोस्तों आज हम बात करेंगे शाहरुख़ खान के बारे मै की कैसे उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और आज वो इस मुकाम पर है मेरा यह आर्टिकल लिखने मकसद बस यही है की आप इंस्पायर हो सके क्योंकि जिस तरह से शाहरुख़ खान की ज़िन्दगी मै रुकावटे आई और उन्होंने डट कर सामना किया उन्होंने अपनी लाइफ मै बहोत सारे स्टरल किया जब वो मुंबई आये तो उनके पास पैसे ना होने के कारण वो रेलवे स्टेशन पर सोये कैसे उन्होंने अकेले इतना स्ट्रगल किया कैसे वो अपने प्यार को पाने के लिए मुंबई चले आये हम सारी बाते आज के इस आर्टिकल मै तो चलिए आज का यह आर्टिकल शुरू करते है !

दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है 2 नवंबर 1965 से जब एक मुस्लिम परिवार मै शाहरुख़ का जन्म हुआ इनके पिता का नाम मिरताज़ मोहम्मंद था जो एक स्वतंत्र
सेनानी थे और इनकी माता का नाम था लतीम फातिमा पाकिस्तान और हिदुस्तान के विभाजन से पहले इनका परिवार पेशावर मै रहा करता था लेकिन जब विभाजन हुआ तो यह दिल्ली मै आकर रहने लगे यहां पर इनका परिवार वो राजेंद्र नाम के इलाके मै एक किराये के घर मै रहते थे !

शाहरुख़ खान के पिता एक रेस्टोरेंट मै काम करते थे शाहरुख़ खान ने अपनी पढ़ाई सेटकोलम्बयस स्कूल से की और पढ़ाई मै होशियार होने के कारण उन्होंने स्कूल का सबसे बड़ा अवार्ड सोर्ड ऑफ़ होनर भी जीता था !

लेकिन सोलह साल की उम्र मै शाहरुख़ के पिता की मृत्यु हो गयी इतनी कम उम्र मै पिता को खो देने के बाद भी शाहरुख़ ने हार नहीं मानी और 1985 मै शाहरुख़ ने हंसराज कॉलेज मै एडमिशन ले लिया !

उसी कॉलेज मै उन्होंने एक थिएटर ग्रुप ज्वाइन किया और वही पर ही रहते हुए बैरी जॉन के अंतर्गत एक्टिंग सीखी और एक्टिंग सिखने के लिए अपनी पढ़ाई बिच मै ही छोड़ दी और फिर नेशनल स्कूल और ड्रामा मै शाहरुख़ ने एक्टिंग सीखी !


और जब उनका प्यार यानि गौरी खन्ना जी हा शाहरुख़ गौरी खान से प्यार करते थे और उन्होंने शादी भी की इसका जीकर मै आगे करूँगा तो वो गौरी खान से प्यार करते लेकिन गौरी खान मुंबई आ गयी और शाहरुख़ भी फिल्मो मै काम करने के लिए और गौरी के लिए मुंबई आ गए लेकिन वो मुंबई आ तो गए लेकिन आपको पता है कम पैसो मै मुंबई मै रहना कितना मुश्किल है यही प्रॉब्लम शाहरुख़ को भी झेलनी पड़ी और उनको अपने दोस्त के साथ मुंबई मै रहने लगे लेकिन दोस्त के साथ कितने दिन वो मुंबई मै रहते यह सोचकर वो वहाँ से चले गए और कई राते उनको रेलवे स्टेशन मै गुज़ारनी पड़ी और एक दिन वो हार मानके दिल्ली वापस आने लगे और उन्होंने सोचा की दिल्ली जाने से पहले कुछ खा पी ले और यह सोचकर वो वहाँ गए वो वहाँ पर बैठे ही थे के एक शख्स वहाँ पर आये और उन्होंने शाहरुख़ को खा की एक्टिंग करोगे और शाहरुख़ की किस्मत वही से जगमगा गयी सोचिये वो दिल्ली वापस जाने ही वाले थे की उनकी किस्मत एक दम से बदल गयी सोचिये अगर वो उस होटल मै कुछ खाने पिने नहीं जाते तो क्या होता !

शाहरुख़ खान को पहला रोल दिल दरिया सीरियल मै मिला लेकिन कुछ प्रोडक्शन प्रॉब्लम होने के कारण यह शो एक साल लेट हो गया और फिर उनको फौजी सीरियल मै भी रोल मिला तो इसलिए उनका टेलीविज़न डेब्यू फ़ौजी सीरियल से हुआ !

अगर उनके सीरियल की बात करें की उन्होंने कौन कौन सीरियल मै काम किया तो इसमें सर्कस, वागले की दुनिया, इडियट और उम्मीद मै काम किया !

और फिर उन्होंने 1991 मै गौरी खान से शादी कर लिए दरअसल यह दोनों बहोत पहले से एक दूसरे को पसंद करते थे लेकिन शाहरुख़ की उस समय पैसे के मामले मै हालत बहोत ख़राब थी और मुंबई आने की वजह गौरी खान भी थी जिससे शाहरुख़ बहोत प्यार करते थे और उन्होंने 1991 मै गौरी से शादी भी कर ली !

लेकिन 1991 मै शाहरुख़ को एक और दुख झेलना पड़ा जब इनकी मा भी इनको छोड़ के चली गयी यानि इनकी मा की मृत्यु हो गयी !

और फिर इनको हेमा मालिनी के डायरेक्शन मै बनी फ़िल्म दिल आशना है मै काम करने को मिला और यह हेमा मालिनी ने पहली फ़िल्म डायरेक्ट की थी !

इसके बाद उनको दीवाना फ़िल्म मै काम करने का मौका मिला और सबसे बड़ी बात उनको इस फ़िल्म के जरिये उनको ऋषि कपूर के साथ काम करने का मौका मिल गया था और इस फ़िल्म के लिए उनको फ़िल्मफेर का बेस्ट मेल अवार्ड भी मिला !

और 1993 मै उन्होंने कुछ अलग किया और डर और बाज़ीगर मै उन्होंने हीरो के रोल को छोड़कर विलेन का रोल किया जिस समय नये एक्टर विलन के रोल को करने से मना कर देते है और बचते है उस समय शाहरुख़ ने ऐसा रोल किया और उन्होंने एक ही साल मै यानि 1993 मै दो फिल्मो मै विलन का रोल किया एक और दूसरी बाज़ीगर और उनकी यह दोनों फ़िल्म ही ब्लॉकबस्टर गयी और बाज़ीगर मै उनके रोले को इतनी सहारना मिली की उनको फ़िल्मफेर बेस्ट एक्टर अवार्ड मिला जो की एक नये हीरो के लिए बहोत बड़ी बात थी !


और फिर इसी बिच उनकी करीब सात फ़ाइल रिलीज़ हुई जिनमे से दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे उनकी आल टाइम ब्लॉकबस्टर गयी और इस फ़िल्म ने दस अवार्ड जीते जिनमे से एक अवार्ड मै उनको दूसरी बार बेस्ट मेल एक्टर अवार्ड से नवाज़ा गया !

और फिर कुछ समय बाद आयी फ़िल्म कभी खुशी कभी गम मै उनको फिर से बेस्ट एक्टर अवार्ड मिला और इसी तरह शाहरुख़ ने कुल चौदह फ़िल्मफेर अवार्ड जीते है !

और 1999 मै शाहरुख़ ने जूही चावला के साथ एक प्रोडक्शन हॉउस खोला और वो मूवी प्रोडूस करने लगे और उनकी पहली प्रोडूस की जाने वाली मूवी फिर भी दिल है हिंदुस्तानी थी जिसमे वो खुद एक्टर थे लेकिन उनके प्रोडक्शन हॉउस मै बानी फ़िल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी अशोका जैसी फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल रही और इसी बिच शक्ति फ़िल्म की शूटिंग के दौरान उनकी रीड की हड्डी मै चोट आयी और उनको अपना इलाज विदेश मै कराना पड़ा !

शाहरुख़ खान की शम्पत्ति पांच हज़ार करोड़ है जिसकी वज़ह से उनको दुनिया के सबसे अमीर एक्टर की लिस्ट मै रखा हुआ है !

और उनको फिल्मो और एक्टिंग के दौरान बहोत ज्यादा चोट भी आयी हुई है और ऐसा कहा जाता है जी कोयला फ़िल्म मै जब वो आग मै लिपटे हुए ट्रैन के पीछे भागते है तो यह आग रियल थी और इसी फ़िल्म मै जब वह पहाड़ो पर भागते है और उनका पैर ठीक होता है तो ऐसा कहा गया है की उनके पैर मै असली मै चोट आयी हुई थी !

शाहरुख़ की यह कहानी उन लोगो के लिए थी जिनकी लाइफ मै अभी स्ट्रगल शुरू भी नहीं हुआ की पैसा पैसा करने लग जाते है दोस्तों आज के समय मै पैसा कमाना बहोत मुश्किल है चाहे वो रियल लाइफ हो या फिर ब्लॉग्गिंग या यूट्यूब हर कही पैसा कमाने के लिए एक चीज करनी होती है और वो है स्ट्रगल क्योंकि किसी भी चीज को करने के लिए एक्सप्रिएंस का होना बेहद जरुरी है !


तो दोस्तों कमैंट् मै बताये की आपको यह सक्सेस स्टोरी कैसी लगी और आने वाले समय मै आपको ऐसे ही और आर्टिकल देखने को मिलेंगे और उनको पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को अभी सब्सक्राइब करें तो मिलते है अगले आर्टिकल मै तब तक के लिए जय हिन्द वन्दे मातरम् !