हिंदी फिल्म जगत के सबसे पॉपुलर फिल्म शोले, ये फिल्म को आप शायद कभी भुला ना पाएंगे। ये फिल्म 70 के दशक का सबसे पसंदीदा फिल्मों मै से एक था। मुझे ये सब बताने को जरूरत ही नहीं है क्योंकि आप इसकी पॉपुलैरिटी जानते होंगे। आपने इस फिल्म में रामगढ़ नाम के गांव के बारे में सुना या देखा होगा इसी गांव में लगभग फिल्म के सारे सीन की शूटिंग की गई थी। इसी फिल्म के चलते ये गांव काफी पॉपुलर हो गया। लेकिन अभी इस गांव के लोगों के लिए शोले फिल्म के शूटिंग के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। इस फिल्म ने इस गांव की पहचान को धूमिल कर दिया है। फिल्म की अधिकतर शूटिंग इस बसाई गई रामगढ़ गांव में हुई थी। जब फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब यहां पर काफी शोर सराबा होने से फिर बंदूक कि आवाजें, बॉम्ब की फटने से यहां की जो दुर्लभ गिद्द होते थे वो गायब हो गए हैं। उस समय यहां लगभग 2000 तक दुर्लभ जिद्द पाए जाते थे जो आज 10 -20 हो गए हैं। ये इस फिल्म के कारण ये सारे गिद्ध पलायन कर गए।

जब फिल्म बहुत ज्यादा हिट हो गई और उनको पता चला कि रामगढ़ नामक गांव में इस फिल्म कि शूटिंग हुई है तो यहां काफी लोग आने लगे ये एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो गया। लोगों के आने जाने से जो भी बची खुची गिद्ध थे वो भी चले गए। भीड़ बढ़ने से यहां प्रदूषण भी बढ़ने लगा। और अभी यहां पर एक रिजॉर्ट बनाई जाने की बात ही रही थी लेकिन गांव वाले नहीं चाहते कि ऐसा हो। गांव के लोग सरकार को चिट्ठी लिखकर सारी समस्याएं बताई। रिजॉर्ट बनने से यहां काफी लोगों का आना जाना लगा रहेगा इस कारण से जो बची खुची प्रकृति को भी नश्ट कर देंगे। हमें हमारी प्रकृति को ऐसे नुकसान नहीं करना चाहिए। जब फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई तब पूरे गांव को उजाड़ के चल गए। इस फिल्म ने तो इस गांव को पॉपुलर कर दिया हो लेकिन इस गांव के लोगों के लिए एक समस्या बन गई है।